SDM ka full form

SDM ka full form – कौन होता है SDM?

क्या आपको पता है SDM कौन होता है? SDM ka full form kya hota hai? आपने IAS IPS के बारे में तो सुना ही होगा और जानते भी होंगे। SDM के क्या powers हैं। और SDM बनने की क्या प्रक्रिया है। यह पोस्ट पढ़ने के बाद आपको और किसी किताब या कहीं जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी SDM के बारे में जानने के लिए क्योंकि इसमें SDM से related हर एक point को बहुत अच्छे से cover किया गया है वो भी बहुत ही आसान भाषा में कि एक बच्चा भी समझ जाए।

(I) SDM full form

 

SDM के बारे में बाकि जानकारी जानने से पहले चलिए सबसे पहले जानते हैं की SDM का फुल फॉर्म क्या होता है। SDM का फुल फॉर्म होता है Sub Divisional Magistrate. कई लोग इसका फुल फॉर्म Sub District Magistrate भी बताते है लेकिन यह गलत है। SDM ka full form Sub Divisional Magistrate ही होता है।

SDM कौन होता है इसकी क्या powers होती हैं, और SDM कैसे बनते हैं यह जानने से पहले आइए सबसे पहले हम एक district का organizational chart देखते हैं। और समझते हैं की एक SDM की position एक organisational chart में कहाँ होती है और SDM के ऊपर कौन काम करता है और नीचे कौन कौन काम करते हैं।

(II) SDM Organisational Structure:

 

भारत के हर राज्य को कुछ districts में बांटा गया है। यह राज्य के area के हिसाब से बांटा गया है। जितने बड़ा राज्य उतने ज़्यादा districts, यहाँ समझने के लिए हम दिल्ली का उदहारण लेंगे

दिल्ली में कुल 11 districts हैं। इन DISTRICT का जो इन चार्ज होता है उसे कहते हैं DM. DM का फुल फॉर्म होता है District Magistrate. हर district को 3 Sub division में बांटा गया है। हर Sub division का एक अलग in charge होता है यही in charge कहलाता है Sub Divisional Magistrate (SDM).

हर SDM के नीचे उनका revenue function सँभालने के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियाँ होते हैं। इन सबका पोस्ट Sub Divisional Magistrate के नीचे होता है। और फिर दूसरे clerical functions करने के लिए उनके नीचे और दूसरे clerical staff होते हैं।

अब आपको समझ आ गया होगा की एक state के administration का organisational structure क्या होता है और किनकी position कहाँ होती है।

(III) Functions of SDM:

 

1. उस Sub Divisiom में जो भी विकास कार्य चल रहे हैं उनका रख रखाव करना।
2. अलग अलग department में चल रहे कामों का coordination करना।
3. अपने division में चल रहे विकास कार्यों का जायज़ा लेना।
4. अपने Sub division के revenue administration और Law and Order पर नज़र रखना।
5. आम लोगों की शिकायतों को देखना।
6. प्राकृतिक आपदा से हुए नुक्सान को देखना।
7. Revenue agency के कार्यों का supervision करना।

Sub Divisional Magistrate का ज़्यादातर काम स्वतंत्र होता है। वह ज़्यादातर फैसले खुद से ले सकता है जो कार्य उसके division के अंदर आते हैं उनसे जुड़े कार्य। उसकी jurisdiction के अंदर जो भी हो रहा है उसके लिए SDM ही responsible होता है और वह उसके लिए बिना किसी से पूछे independenly decision ले सकता है।

अगर हम सूचना के कानून यानि RTI की बात करें तो उसके तहत तहसील कार्यालय के लिए एसडीएम प्रथम अपीलिय अधिका यानि First Appellate Authority होता है।

(IV) SDM कैसे बनें (How to become SDM ) :

 

बहुत से students के लिए SDM की post एक बहुत ही attractive job है। खासकर इसके पावर्स और सैलरी जानने के बाद यह candidates के बीच एक dream job मानी जाती है।

अब चलिए जानते हैं कि SDM कैसे बने और उसके लिए क्या क्या eligibility होनी चाहिए।

(i) SDM बनने के लिए योग्यता। (Eligibility to become SDM ) :

 

अगर आप या आपका कोई जानने वाला SDM बनने क बारे में सोच रहे है तो सबसे पहले ये जानना ज़रूरी है कि इसके लिए eligibility यानि योग्यता क्या होनी चाहिए।

1. SDM बनने के लिए उस उम्मीदवार को सबसे पहले 12th पास करके किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से graduation की डिग्री हासिल करनी होगी।
2. SDM बनने के लिए age limit भी तय की गई है जो कि कम से कम 21 साल और ज़्यादा से ज़्यादा 32 साल होनी चाहिए यानि age limit general category के लिए 21-32 साल है।

  • SC या ST category के लिए 5 साल की छूट है।
  • OBC category के लिए 3 साल की छूट है।

(ii) Civil Services examination for SDM:

 

अगर आप SDM बनने के लिए eligible हैं तो आपको civil services examination देना होगा जो कि हर साल UPSC Board द्वारा comduct कराया जाता है।
जब एक उम्मीदवार IAS का exam पास कर लेता है तो सबसे पहले उसे SDM की position दी जाती है।

Civil services examination जिसे हिंदी में सिविल सेवा परीक्षा भी कहा जाता है, इस परीक्षा को 3 भाग में बांटा गया है, और इस exam को पास करने के लिए आपको 1 नहीं बल्कि तीनो papers में पास होना होता है। यह 3 परीक्षा इस प्रकार हैं:

1. Preliminary exam
2. Main exam
3. Interview

अंतिम शब्द

मैं उम्मीद करती हूँ कि इस post के ज़रिए आपको SDM ka full form तो पता ही लगा होगा उसके साथ साथ आपको SDM से related हर जानकारी जैसे SDM कौन होता है, SDM कैसे बने और SDM के organisational structure के बारे में जानने को मिला होगा।

अगर फिर भी आपके मन में कोई doubt हो तो आप comment करके मुझसे पूछ सकते हैं।

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