साधारण ब्याज का सूत्र | चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज में अंतर |

आज हम इस post में जानेंगे की साधारण ब्याज का सूत्र क्या होता है? Simple interest formula in hindi? Sadharan byaj ka formula और चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज में अंतर।

जब कोई व्यक्ति किसी बैंक या दूसरे व्यक्ति से पैसा उधार लेता है तो उसे उस पैसे को इस्तेमाल करने के लिए उसका किराया देना पड़ता है जैसे हम किसी मकान को इस्तेमाल करते हैँ तो उसका किराया देते हैँ और अंत में हमें वे मकान भी उसके मालिक को देना होता है तो समझलो मूलधन मकान की तरह है और उसका किराया ब्याज की तरह। यह एक दी गई दर और एक निश्चित अवधि पर calculate किया जाता है।

साधारण ब्याज में, मूलधन हमेशा समान होता है, चक्रवृद्धि ब्याज के विपरीत जहां हम अगले वर्ष के ब्याज की गणना के लिए पिछले वर्षों के मूलधन का ब्याज जोड़ते हैं। साधारण ब्याज को अंग्रेजी में simple interest कहते हैँ।

साधारण ब्याज क्या है?

साधारण ब्याज पैसे पर ब्याज calculate करने का एक आसान तरीका है, साधारण ब्याज में ब्याज हमेशा मूल राशि पर लगता है, हर समय चक्र के लिए एक ही ब्याज दर होता है। जब हम अपना पैसा किसी बैंक में निवेश करते हैं, तो बैंक हमें हमारी राशि पर ब्याज देती है। बैंकों द्वारा लगाया जाने वाला ब्याज कई प्रकार का होता है, उनमें से एक साधारण ब्याज है। अब, साधारण ब्याज को आगे और गहराई में जानने से पहले, आइए पहले समझते हैं कि ऋण का अर्थ क्या है।

Loan/ऋण क्या होता है?

ऋण एक राशि है जो एक व्यक्ति अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी बैंक या व्यक्ति से उधार लेता है। ऋण/loan के उदाहरणों में home loan, car loan, education loan और personal loan शामिल हैं। Loan का पैसा हमेशा ब्याज के साथ ही वापस बैंक या व्यक्ति को वापस दिया जाता है।

साधारण ब्याज का सूत्र

साधारण ब्याज की गणना नीचे दी गई सूत्र से की जाती है। इस फार्मूला से हम साधारण ब्याज यानी simple interest calculate कर सकते हैँ।

साधारण ब्याज=(मूलधन x दर x समय)/100

मूलधन (P): मूलधन वह राशि है जो शुरू में बैंक या किसी व्यक्ति से उधार ली गई थी या निवेश की गई थी। इसे अंग्रेजी में प्रिंसिपल/Principal कहते हैँ और इसे P से भी दर्शाया जाता है। उदाहरण के लिए अगर मैंने बैंक से ₹10,000 उधार लिए तो यह राशि मूलधन है।

दर (R): दर ब्याज की वह दर है जिस पर किसी को एक निश्चित समय के लिए मूलधन दिया जाता है, ब्याज की दर 5%, 10% या 12% आदि हो सकती है। ब्याज की दर को R से भी दर्शाया जाता है।

समय (T): जितनी अवधि के लिए किसी को राशि उधार दी जाती है उसे समय कहते हैँ। जैसे 5 साल, 10 साल आदि।

मिश्रधन (A): जब कोई व्यक्ति बैंक से loan लेता है, तो उसे उधार ली गई राशि(मूलधन) और ब्याज का पैसा वापस करना होता है, और यह कुल लौटाई गई राशि मिश्रधन कहलाती है।

मिश्रधन (A) = मूलधन (P) + साधारण ब्याज (S.I.)
A = P + PRT
A = P (1+RT)

साधारण ब्याज उदाहरण

राजवीर के पिता ने बैंक से ₹10,000 उधार लिए थे और ब्याज दर 5% थी। यदि राशि 1 वर्ष के लिए उधार ली जाती है तो साधारण ब्याज कितना होगा? इसी तरह, साधारण ब्याज की गणना करें यदि राशि 2 साल, 3 साल और 10 साल के लिए उधार ली गई है।

हल: मूलधन राशि = ₹10,000, ब्याज दर = 5% = 5/100

साधारण ब्याज

साधारण ब्याज
1 साल (10000 ×5 × 1)/100 = 500
2 साल (10000 × 5 × 2)/100 = 1000
3 साल (10000 ×5 × 3)/100 = 1500
10 साल (10000 × 5 × 10)/100 = 5000

 

चलिए अब जानते हैँ कि ऊपर दिए गए समय के पूरा हो जाने के बाद राजवीर के पिता को कुल कितना मिश्रद्धन या राशि लौटानी होंगी।

 

समय साधारण ब्याज मिश्रधन
1 साल (10000 ×5 × 1)/100 = 500 10000+500=10500
2 साल (10000 × 5 × 2)/100 = 1000 10000+1000= 11000
3 साल (10000 ×5 × 3)/100 = 1500 10000+1500=11500
10 साल (10000 × 5 × 10)/100 = 5000 10000+5000=15000

 

ज़्यादातर बैंक इन दिनों loans पर चक्रवृद्धि ब्याज लगाते हैं क्योंकि इस तरह बैंकों को अपने ग्राहकों से ब्याज के रूप में अधिक पैसा मिलता है, लेकिन यह तरीका ग्राहकों को समझाना कठिन है। दूसरी ओर, साधारण ब्याज की calculation comparatively आसान है।

साधारण ब्याज बहुत उपयोगी होता है जब कोई ग्राहक थोड़े समय के लिए loan चाहता है, उदाहरण के लिए, 1 महीने, 2 महीने या 6 महीने। जब कोई साधारण ब्याज पर short- term loan लेता है तो उस पास सालाना ब्याज लगने की बजाय, हर दिन का या साप्ताहिक ब्याज लगता है।

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में अंतर:

 

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज, loan के amount पर ब्याज की calculation करने के दो तरीके हैं। यह माना जाता है कि दोनों में कुछ बुनियादी अंतरों के कारण साधारण ब्याज की तुलना में चक्रवृद्धि ब्याज की गणना करना अधिक कठिन है। आइए नीचे दी गई table के ज़रिये जानते हैँ कि साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज के बीच क्या अंतर है:

साधारण ब्याज चक्रवृद्धि ब्याज
1. साधारण ब्याज कि गणना हर बार मूलधन पर ही कि जाती है। 1. चक्रवृद्धि ब्याज की गणना मूलधन और ब्याज की संचित राशि पर की जाती है
2. इसकी गणना निम्न सूत्र का उपयोग करके की जाती है: साधारण ब्याज=(मूलधन x दर x समय)/100 2. इसकी गणना निम्न सूत्र का उपयोग करके की जाती है: चक्रवृद्धि ब्याज.=मूलधन × (1+दर )^समय – मूलधन
3. यह एक निश्चित मूलधन पर प्रत्येक वर्ष के लिए समान होता है। 3. यह समय अवधि के प्रत्येक अवधि यानि हर साल या हर महीने के लिए अलग होता है क्योंकि इसकी गणना हर अवधि के कुल राशि (मूलधन जमा ब्याज) पर की जाती है न कि मूलधन पर।

 

साधारण ब्याज टिप्स और ट्रिक्स:

1. समय ज्ञात करने के लिए जिस दिन धन उधार लिया जाता है उस दिन को नहीं गिना जाता है, बल्कि जिस दिन धन वापस करना होता है उस दिन को गिना जाता है।
2.एक निश्चित समय के लिए हर ₹100 पर जो ब्याज होता है उसे ब्याज दर कहते हैँ।
3. साधारण ब्याज की तुलना में चक्रवृद्धि ब्याज में ब्याज हमेशा अधिक होता है।
4. चक्रवृद्धि ब्याज का सूत्र साधारण ब्याज गणना विधियों से ली गई हैं।
5. सूत्र में ब्याज दर को हमेशा fractions में रखा जाता है।

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