खुद को इम्प्रूव कैसे करे

अगर अभी मैं आपसे कहूँ कि आप खुद को आज से 5 साल पहले क्या थे यह सोंच कर देखें, तो आप कैसे व्यक्ति को देखते हैं? क्या इन ५ सालों में आपमें बहुत बदलाव आये हैं या बस थोड़े बहुत या फिर कुछ भी नहीं?

जब आप वक़्त के साथ अपने अंदर अच्छे बदलाव ला पाते हैं, खुद को पहले से बेहतर इंसान बना पाते हैं तो इसे ही कहते हैं Self improvement, मतलब जो आप पिछले साल थे तो अब इस साल पहले से बेहतर हो और आगे आने वाले सालों में और बेहतर बनने की कोशिश में लगे हो।

क्या आप जानते हैं कि हर महीने google पर youtube पर हज़ारों लोग यह search करते हैं कि खुद को बेहतर कैसे बनाएं। यह जानकार मुझे बहुत ख़ुशी हुई कि लोग खुद को बदलना चाहते हैं। लेकिन उन्हें खुद को बेहतर बनाने के लिए सही दिशा की ज़रूरत है।

इस ब्लॉग में हम ऐसे ही कुछ 8 self improvement tips के बारे में बात करेंगे, यह tips कई किताबों से ली गईं हैं:

1. अपना goal तय करें:

आप अपना एक लॉन्ग टर्म गोआल सेट करें, मतलब अगले 5 साल में आपको क्या achieve करना है, फिर उसे हासिल करने के लिए आपको हर साल क्या-2 करना होगा, फिर उस हर साल के goal को achieve करने के लिए हर महीने कितना काम करना होगा और फिर उस हर महीने के काम को पूरा करने के लिए हर दिन क्या क्या काम करने होंगे इसकी एक list तैयार करलें।

यह सबसे best तरीका हैं अपना लक्ष्य तय करने का, इससे आपको सब clear रहेगा कि आपको हर दिन करना क्या है और जिससे आपको किसी तरह की कोई confusion नहीं रहेगी।

2. छोटे बदलाव 

लोग ऐसा समझते हैं कि कुछ बड़ा हासिल करने के लिए बहुत बड़े बड़े बदलाव करने की ज़रूरत है। लेकिन ऐसा नहीं है, अपने रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में आपके द्वारा लिए गए बहुत छोटे बदलाव से ही आप वो हासिल कर सकते हो जो आप चाहते हो।

छोटे बदलाव करने से आपको कुछ समय तक तो कोई फर्क नहीं नज़र आता, यह समय कुछ हफ्ते या कुछ महीने भी हो सकते हैं, तब तक आपको धीरज रखना पड़ता है, लेकिन यह समय गुज़र जाने के बाद आपको असली फर्क नज़र आने लगता है।

ऐसे बहुत से उदहारण हैं जिन्होंने daily खुद पर केवल थोड़ा सा काम करके बहुत कुछ हासिल किया। सुबह 10 बजे उठने वाला इंसान रोज़ 5 बजे उठने का सोंचने की बजाय केवल 30 मिनट पहले ही उठे और उन ३० मिनट में रोज़ exercise या kitab पढ़ने जैसी आदत बना ले तो वह 1 साल में खुद को पूरी तरह बदल सकता है वो भी बहुत कम effort लगाकर।

3. किताबें पढ़ना शुरू करें:

अच्छी किताबें पढ़ना एक ऐसी आदत है जो की हमेशा आपको देगी ही कभी आपसे कुछ लेगी नहीं सिवाय कुछ वक़्त के जो की आपको १-2 दिन नहीं बल्कि रोज़ निकलने चाहिए।

जिस तरह हमारे पेट को खाना चाहिए जीवित रहने के लिए उसी तरह महारे brain का खाना है अच्छी इनफार्मेशन जो की उसे चाहिए सही से काम करते रहने के लिए। हमारा ब्रेन हमेशा काम करता रहता है, अगर आप उसे सोंचने की सही दिशा नहीं देंगे ततो वह ऐसी बातें सोंचने लगेगा जो की न ही आपके फायदे की होगी बल्कि उल्टा आपके आने वाले कल को और आपके सेहत को नुकसान ही देगी।

किसी भी व्यक्ति की improvement बिना किताबें पढ़ें हो ही नहीं सकती, जानकारी तो आपको online blogs पढ़के या youtube videos से भी मिल सकती है, लेकिन किताबें पढ़ने से जो जानकारी मिलती है वह आपके mind पर लम्बे समय तक एक छाप छोड़ जाती है जो की videos से या blog से हो सकता है आप पढ़ें या सुनें और कुछ ही दिन में उसे भूल जाएं।

4. अच्छा खाएं और व्यायाम करें:

हमारी इम्प्रूवमेंट का एक बहुत बड़ा हिस्सा है हमारी सेहत। हर इंसान जो खुद को बेहतर बनाना चाहता है वो अपनी सेहत को नज़र अंदाज़ नहीं करता, खासकर अगर आपको कोई लम्बी बीमारी है जैसे diabetes, high/low BP या मोटापा।

और सेहत व व्यायाम में भी पहले बताए गए point यानि small changes का ध्यान रखें, यानि छोटे बदलाव ही करे, sugar है तो शुरुआत में बस थोड़ी चीनी कम करें, बस 5 मिनट व्यायाम से ही शुरू करें और इसी तरह जब आपको आदत हो जाए तो धीर२ बाद में यह समय बढ़ाएं।

5. अच्छा व्यवहार:

एक अच्छे gentlemen की पहचान होती है उसका दूसरों के साथ behaviour, आपका अच्छा व्यवहार सामने वाले के दिल पर एक छाप छोड़ जाती है, जिससे आपको भी ख़ुशी मिलती है और वह शख्स आपका शुभचिंतक बन जाता है।

अच्छा व्यवहार से मतलब यह नहीं के आपको इसके लिए बहुत कुछ करना पड़ेगा या खुद को पूरी तरह बदलना पड़ेगा, खुद में केवल बहुत छोटे बदलाव से ही आप सामने वाले को अपना कायल कर सकते हो।

अगर कोई आपकी तारीफ करें तो आप उसे बदले में Thank you कहो, सुनने में तो यह बहुत छोटी और ज़ाहिर सी बात लगती है लेकिन लोग अक्सर इतना तक नहीं कहते, अगर कोई कहता है कि आपके घर का पेंट बहुत अच्छा लग रहा है तो थैंक यू कहने की बजाय लोग कह देते हैं कि “हाँ वो बस जल्दी में करा लिए, मुझे तो इतना पसंद नहीं” इस तरह सामने वाले की तारीफ को नकार कर उल्टा उसकी इंसल्ट कर देते हैं जिससे उसे भी अच्छा नहीं लगता।

Thank you, please, ये ऐसे वर्ड्स हैं जिनका ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करना चाहिए चाहे सामने वाला इंसान आपसे छोटा हो या बड़ा। कोई आपको दावत में बुलाए तो ज़रूर जाए, ये न सोंचे कि वह तो मेरी बर्थडे पार्टी या शादी में नहीं आया था मैं क्यों जाऊ, ये अक्सर बड़ी वजह होती है रिश्तों में नाराज़गी की।

अगर व्यवहार को बस एक लाइन में समझना हो तो केवल यह समझें कि अपनी ज़बान से शब्द सोंच समझकर निकालें।

6. खुद को चुनौती दें:

अगर आप कोई ऐसा काम कर रहे हैं जो आपको चुनौती न दें तो वो आपको बदल भी नहीं सकता। आप अपनी लाइफ में तबतक कोई इम्प्रूवमेंट नहीं ला सकते जब तक आप अपने comfort zone से बाहर न निकलें। जब हम अपने काम करने की लिमिट को क्रॉस करें तभी हमें यह पता चल सकता है कि हम में क्या क्या करने की क्षमता है।

नई नई चीज़ों को सीखने की कोशिश करें। ऐसे काम करने की कोशिश करें जो आपने अबतक न किए हों यह सोंचकर कि यह आपके बस की बात नहीं है। चीज़ों को try कर के ही आप अपने पैशन को ढूंढ सकते हैं।

ऐसे काम करे जिन कामों को करने में आपको डर लगता है। और लगातार 1 हफ्ते तक करते रहें। अगर आप सेल्स में हैं और आपको लोगो से personally या phone पर बात करने मैं डर लगता है तो डरने की बजाय इसका सामना करें फिर चाहे वो आपका फ़ोन disconnect करदे या आपका मज़ाक बनाये इस चीज़ से न घबराएं।

7. हार को अलग नज़रिये से देखें:

हम सब ही यह बात मानते हैं कि हम सब ने की हार देखि है। और किसी भी काम में हार मिलने के बाद हमें बहुत निराशा होती है, इतनी की कई बार हम वह काम दुबारा करने की कोशिश तक नहीं करते।

हर पहलु के बारे में बात करने के बाद हार के बारे में बात करना भी उतना ही ज़रूरी है। क्योंकि सब कुछ करने के बाद अगर आपको हार मिली तो आप आगे की कोशिश छोड़ न दें। सबसे पहले तो हमें यह समझना चाहिए कि हार जीत से अलग नहीं है, यह भी जीत का एक हिस्सा ही है।

हारने से हमें जो कुछ सीखने को मिलता है जो अनुभव होता है वह जीत की तरफ पढ़ने में हमारे काम आता है। हार से ाओको उन सवालो के जवाब मिल जाते हैं जो शायद बिना हार के नहीं मिलते।

8. अनुकूलता:

कुछ दिन बहुत सारे काम करने से बेहतर है कि हर दिन थोड़ा काम करे पर लगातार करें। छोटे छोटे काम रोज़ करने से बड़े result मिलते हैं।

खरगोश और कछुए की कहानी तो सभी ने सुनी होगी, कि कैसे कछुआ धीरे धीरे चलता है लेकिन बिना रुके और जीत जाता है और खरगोश इतना तेज़ होने के बावजूद भी इधर उधर भटकने की वजह से हार जाता है। इसका मतलब हम किसी भी काम में consistent तभी रह सकते हैं जब हम खुद को फेसबुक, instagram, mobile पर time pass जैसे distractions से खुद को दूर रखें।

खुद को improve करने की journey कभी ख़त्म नहीं होती, यह एक life long journey है, इसमें ज़रूरी यह नहीं के आप खुद को improve करने में सफल हुए या नहीं, बल्कि ज़रूरी यह है कि आप कोशिश करने से कभी रुके नहीं।

 

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