असफल लोगों की 7 आदतें

 

हम सभी लोगो के जीवन में ऐसे कई मोड़ आते हैं जब लोग हमारा अपमान करते हैं, हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं, ऐसे लोग या तो हमारे ही दोस्त या रिश्तेदार हो सकते हैं या फिर अनजान भी हो सकते हैं जिनसे हम पहली बार मिले हो । ऐसे लोग आपके रोज़ मर्रा जीवन का हिस्सा होते हैं जिन्हें आप ignore या avoid नहीं कर सकते । यदि कोई अनजान इंसान insult करे तो आप उसे तो इग्नोर कर सकते हैं । पर दोस्त के group में अगर ऐसा कोई हो या कोई रिश्तेदार हो तो उसे तो आप ignore नहीं कर सकते । करीबी लोगों से तो आपका सामना होगा ही ।

ऐसे लोग असल में negative लोग होते हैं जो दुसरो की insult करके उन्हें नीचा दिखाकर बहुत खुश होते हैं । इंसान की यह फितरत है की वो किसी भी काम को करने का एक आसान रास्ता ढूंढ़ता है, खुद के अंदर की कमियों को देखना, खुद को एक बेहतर इंसान बनाना जिसकी लोग तारीफ करें ऐसा करना मुश्किल काम है । मगर दुसरो की बेइज़्ज़ती कर के फिर उन्हें गुस्सा दिला कर खुद को उनसे बेहतर दिखाना एक short cut रास्ता है ।

आप हरगिज़ ये नहीं चाहेंगे की कोई आपकी insult करके खुश हो और मज़े ले, लेकिन जब आप अपनी insult के जवाब में सामने वाले पर गुस्सा होते हो या मुँह बनाते हो तो आप उसे यही मौका देते हो कि वो और खुश हो क्योकि वो यही तो चाहता था ।

एक बार की बात है कुछ साधु एक गांव से गुज़र रहे थे और आराम करने के लिए एक पेड़ की छांव में ठहरे और फिर वहीँ गांव वासियो को प्रवचन देने लगे । उनके प्रवचन सुनने बहुत सारे लोग इकठ्ठा हो गए, उन्ही गांव वालों में से एक आदमी यह देखकर बहुत गुस्सा होता है और साधु पर भड़क उठता है और कठोर शब्दों में कहता है कि ” चले जाओ, तुम लोग बस हमरा फायदा उठाना चाहते हो, तुम लोग यहाँ आकर कुछ अच्छी बाटे सुनते हो फिर सबको अपनी बातों में फसकर हमसे पैसे मांगते हो ।”

लेकिन साधु पर इस अपमान का कोई असर नहीं पड़ा । वो फिर भी शांत रहा और उससे कुछ नहीं कहा, वो इंसान गुस्से में ही वहां से चला गया । फिर उन गाओं वालों में से एक व्यक्ति ने उस साधु से पूछा कि आपने उससे कुछ क्यों नहीं कहा, तो उस साधु ने उस से एक सवाल पूछा “मान लो अगर तुम किसी के लिए कोई gift लेते हो लेकिन वो उस gift को लेने से मना कर देता है तो वो gift किसका होगा? “
तो वो जवाब में कहता है “मेरा ही होगा क्योंकि वो gift मेरे पास ही रह जाएगा ।”
फिर साधु कहता है की बिलकुल सही कहा, अब उसने मेरा अपमान किया मगर मैंने यह अपमान स्वीकार नहीं किया ना मैं बदले में गुस्सा हुआ तो बताओ वो अपमान किसका हुआ?
तो फिर वो कहता उसी का हुआ और वह साधु की समझाई हुई बात को समझ जाता है ।

इस story से हमें यह पता चलता है कि सामने वाले की कही हुई बात से हमें तभी फर्क पड़ता है जब हम उसे importance दें ।
लेकिन अगर हम उसे accept न करें तो उसकी कही गई बातें पलटकर उसी पर चली जाती हैं और कोई reaction न मिलने की वजह से वह इंसान frustrate हो जाता है ।

ऐसे ही जब भी आपकी कोई इंसल्ट करे तो आपको कैसे react करना चाहिए, उसके लिए पहले आपको यह जानना होगा कि सामने वाला इंसान आपसे क्या चाहता है, क्या वो आपको गुस्सा दिलाना चाहता है, आपका mood ख़राब करना चाहता है या खुद को आपसे बेहतर दिखाना चाहता है, अगर जैसा वो चाहता है वैसा reaction आप उसे न दें तो समझ लो आप इस trick में master हो गए ।

अब हम जानेंगे ऐसे कुछ तरीके जिनको apply करके हम अपनी insult ka jawab देना सीख सकते हैं ।

  1. Aggression
    आपने ऐसा देखा होगा कि जब कोई आपको कुछ बुरे शब्द कहता है या insult करता है तो आस पास के लोगों का ध्यान insult करने वाले पर नहीं होता बल्कि आप पर होता है । आस पास के लोग यह देखना चाहते हैं कि अब आप क्या कहने वाले हो । अगर आप जवाब में गुस्सा हो जाओ या सामने वाले को भी बुरा भला बोलने लगो तो पूरा माहौल गरम हो जाता है । और अगर आप बात मज़ाक में ले जाओ तो आस पास के लोग भी आपके मज़ाक पर हसने लगते हैं । और अगर आप उस अपमान को just ignore कर दो तो आस पास के लोग ऐसे reaction देते हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं और माहौल normal रहता है ।

एक greek philosofer Epictetus ने कहा था कि “It’s not what happens to you, but how you react to it तहत मैटर्स.”

इस बात से फर्क नहीं पड़ता के सामने वाले ने आपसे क्या कहा या कितने बुरे शब्द कहे, लेकिन आप उस बात पर किस तरह response करने वाले हो वो matter करता है ।

For example : मान लो की रोड पर drive करते time आपकी गाडी एक दूसरी गाडी से टकरा जाती है और एक छोटा accident हो जाता है, दूसरी गाडी वाला आपसे कहता है कि driving नहीं आती तो क्यों चलते हो गाडी, अगर इस बात से आप गाडी से बहार निकलकर उसपर चिल्लाने लगते हो, उसे गालियां देने लगते हो तो आप सबके सामने कुछ ऐसा शो कर रहे हो ।
१. कि आप बहुत गुस्से वाले हो ।
२. आप भी यह मानते हो कि आपको driving नहीं आती और आप इस बात से insecure feel करते हो ।
३. accident में गलती आपकी ही थी और ज़्यादा चिल्लाकर आप उसे दबाने की कोशिश कर रहे हो ।

ऐसे गुस्सा करने से, गालियां देने से negative सब आपके बारे में ही सोचेंगे, आपके गाड़ी से बाहर निकलकर सुनाने से traffic jam हो जाएगा और सब आपको ही गलत समझेंगे । क्योंकि आप ही सबसे ज़्यादा सबकी नज़र में आओगे, गुस्सा करते हुए नज़र आओगे जो कि सामने वाला insan चाहता भी है ।

ज़्यादातर सामने वाला इंसान चाहता है कि आप अपनी इंसल्ट पर रियेक्ट करो, गुस्सा हो जाओ जिसकी वजह से वो आपसे better लगने लगे । इसलिए अपनी इंसल्ट पर गुस्सा होना रियेक्ट करने सबसे worst तरीका है अपनी इंसल्ट का जवाब देने का ।

२. क्वाइट

Dale Carnegie अपनी book “how to win friends and influence people” में कहते हैं कि “the only way to get the best of an argument is to avoid आईटी” इस दुनिया में बहस से हमें सिर्फ एक ही तरीके से फायदा हो सकता है, और वो ये है कि जितना हो सके इससे बचा जाए । बहस से ऐसे बचना चाहिए जैसे कि आप किसी सांप या भूकंप से बचते हो ।
और हमें बहस से इसलिए भी बचना चाहिए क्योंकि बहस के बाद दोनों पार्टियों को ऐसा लगता है कि वो सही थे और सामने वाला इंसान गलत था । और यह भी सत्य है कि बहस करके आप कभी भी जीत नहीं सकते क्योंकि अगर आप बहस में हारते हो तब तो आप हारते ही हो लेकिन जब आप जीत जाते हो तब भी आपकी हार ही होती है क्योंकि हो सकता है कि आप सामने वाले की हर बात को टाल दो, उसकी धज्जियां उड़ा दो और उसे गलत साबित कर दो । पर ये सब करके जब आप जीत जाओगे तो शायद आपको तो अच्छा लगे लेकिन सामने वाले को बिलकुल भी ाचा नहीं लगेगा क्योंकि आपने उसे सबके सामने नीचा दिखाया है, उसके गर्व को आहत किया है जिसकी वजह से वो आपसे चिढ़ना शुरू कर देगा और हमेशा आपका विरोधी बना रहेगा ।
और यह भी आपने देखा होगा कि बहस करने के बाद जब वह आदमी सामने वाले की बात को अपनी इच्छा के विरुद्ध मानता है तो उसके विचार अब भी ऐसे ही होते हैं जैसे पहले थे । मतलब आप किसी से बहस करके ज़बरदस्ती किसी से अपनी बात नहीं मनवा सकते । वह आपके जीतने के बावजूद भी अपने विचारों पर अटल ही रहता है । इसलिए बहस से कभी भी आपको फायदा नहीं हो सकता, चाहे आप जीतो या हारो ।

इसी बात पर Dale Carnegie अपनी book “how to win friends and influence people” में एक interesting story share करते हैं । जहाँ वो अपने friend Mr. Hammond के साथ dinner कर रहे होते हैं । वह Shakespeare literature का expert होता है । वहीँ एक आदमी उनसे बहस करने लगता है कि यह जो quote है वो शेक्सपियर लिटरेचर के वर्क का पार्ट नहीं है बल्कि bible का है ।यह सुनकर Dale Carnegie कहते हैं कि हाँ यह बात सच हो सकती है लेकिन यह Shakespeare ने भी लिखा है अपनी book में । लेकिन वो आदमी अपनी बात पर अड़ जाता है और बहस करने लगता है । फिर Mr. Hammond कहते हैं कि Dale तुम गलत हो और यह gentlemen सही बोल रहे हैं, यह Bible का ही part है ना कि Shakespeare के play का ।
यह सुनकर वह आदमी वह से चला जाता है, बादमे Dale अपने friend से कहते हैं कि तुम्हे पता था न कि वो आदमी गलत था तो वो कहते हैं कि है वो ही गलत था मगर मैं उस बात पे उससे बहस करके अपनी शाम और यह dinner ख़राब नहीं करना चाहता था इसलिए मैंने उससे आगे कोई बहस नहीं की ।

इस स्टोरी से हमें यह सीखने को मिलता है कि जब भी तुम्हारी कोई इंसल्ट करे तो हमेशा उसपे रेस्पोंद करने की ज़रूरत नहीं होती है because maximum लोग इस लायक ही नहीं होते हैं की उनसे बहस करके अपनी energy waste की जाए ।
इसलिए अगली बार अगर कोई आपसे बहस करे तो आप कह सकते हैं कि है आप ही ठीक हो, या बस ok कह दो और बहस को आगे बढ़ने ही मत दो ।
लेकिन यह response तब सही रहता है जब सामने वाला इंसान stranger हो या आपके लिए मायने नहीं रखता लेकिन अगर सामने वाला इंसान आपका दोस्त या relative है तो उसके लिए next point आपके काम का है ।

३. Humor

अपनी इंसल्ट का एक ह्यूमर या मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब देना भी एक बहुत अच्छा तरीका है अपनी बेइज़्ज़ती का जवाब देने का । क्योंकि अगर इंसल्ट करने वाला कोई ऐसा शख्स हो जो आपके माइने रखता है और जिसे जवाब देना ज़रूरी है तो ऐसे शख्स के सामने आप खामोश नहीं रह सकते, आपको कुछ तो जवाब देना ज़रूरी है, ऐसे में सामने वाले की बात पर हसकर, हसीं में ही ऐसा कोई जवाब देना जिससे माहौल भी हल्का हो जाए और उसकी आपकी इंसल्ट करने की कोशिश भी नाकाम रह जाए ।

For Example
मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राइ Bachchan का एक interview हुआ था David Letterman के साथ जो कि अमेरिकन टेलीविज़न का होस्ट है , वह ऐश्वर्या की इंसल्ट करते हुए उससे एक प्रश्न पूछता है कि क्या यह सच है कि आप इतनी बड़ी होकर भी अबतक अपने parents के साथ रहती हैं ।
उस interviewer ने ना केवल ऐश्वर्या की बल्कि india के culture की insult करने की कोशिश की ।
इस पर ऐश्वर्या राइ मज़ाक में जवाब देते हुए और साथ में अमेरिका के culture का मज़ाक बनाते हुए कहती हैं कि ” हाँ, india में यह आम बात है कि हम बड़े होकर भी अपने parents के साथ ही रहते हैं, और india में यह भी आम बात है कि हमें अपने parents से dinner पर मिलने के लिए उनसे appointment नहीं लेना पड़ता ।”

यह तब का इंटरव्यू था जब ऐश्वर्या की शादी नहीं हुई थी और वह अपने parents के साथ ही रहती थी, इस हाज़िर जवाब के लिए ऐश्वर्या राइ बच्चन की अब तक सराहना की जाती है ।

कुछ इसी तरह से सामने वाले के इंसल्ट को मज़ाक में टाल कर आप उसका इंसल्ट उसी पर पलट सकते हो, आस पास के लोग भी आपके जवाब पर हसने लगेंगे, माहौल भी ठंडा हो जाएगा, और आप सामने वाले की आपको नीचे दिखने की कोशिश को भी नाकाम दोगे ।

तो यह थे कुछ तरीके अपनी insult का जवाब देने के, जिनका इस्तेमाल करके आप confidently किसी का सामना कर सकते हो, लेकिन इसके लिए आपको practice की ज़रूरत पड़ेगी, तो निराश न हो और धीरे अपने अंदर की इन बातो पर practice करे जैसे की गुस्सा control करना और दुसरो की बात को दिल पे न लेना, मज़ाक में लेना अपने इंसल्ट को और cool रहना ।
[5:07 pm, 23/08/2021] Yasmin: आपने अब तक यह तो कई बार सुना या पढ़ा होगा कि एक कामियाब व्यक्ति की क्या आदतें होती है । लेकिन क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की कि एक असफल इंसान में कोनसी आदतें होती हैं? कहीं वो आदतें हमारे अंदर तो नहीं? यह जानना भी उतना ही ज़रूरी है ताकि आप अपने अंदर की उन कमियों को ढूंढे और उन्हें दूर करने की कोशिश करें ।

जो 24 घंटे आपके पास हैं वही 24 घंटे उनके पास भी हैं जो आपसे ज़्यादा सफल हैं । अब खुद को यह बहाना हरगिज़ न दें कि उनके पास ज़्यादा पैसा या ज़्यादा power है क्योंकि ऐसे अनगिनत उदहारण हैं जो बिना पैसे या power के भी कामियाब हुए । याद रखें कि एक सफल और एक असफल व्यक्ति में केवल एक ही बात का अंतर होता हैं और वो है आदतों का ।

हम ऐसी 7 बिंदुओं पर बात करने वाले हैं जो की एक असफल व्यक्ति में होती हैं । जो आपको करने से बिलकुल avoid करना है और उसका बिलकुल उलट करना है ।

  1. वे सीखना और बदलना नहीं चाहते

क्या आप जानते हैं कि Mickey Mouse कार्टून के निर्माता को Kansas City star कंपनी से इसलिए निकाल दिया गया था क्योंकि उन्हें लगा कि उनमे imagination की कमी है और उनके पास अच्छे ideas नहीं हैं ।
क्या आप जानते हैं कि 1921 में उन्होंने एक कार्टून कंपनी शुरू की और उन्होंने एक distribution company से डील किया और कहा कि वो उन्हें अपने कार्टून्स बेचेंगे जिसके लिए वो उन्हें ६ महीने बाद पैसे दे सकते हैं । बादमे उन्हें अपनी वो कंपनी बंद करनी पड़ी क्योंकि उनके पास किराये और दूसरे खर्चों के लिए भी पैसे नहीं थे ।
आज आप सभी उन्हें जानते है वो कार्टून जगत के बहुत बड़े निर्माता हैं । उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा, खुद को और ज़्यादा बेहतर बनाने पर काम किया तभी यहाँ तक पहुंच पाए ।

ज़्यादातर लोग अपने past से कुछ नहीं सीखते, खुद को change नहीं करते इसलिए कुछ बड़ा achieve नहीं कर पते । आप में से कई लोग ऐसे इंसान को जानते होंगे जो सालों बाद भी वैसे का वैसा ही है, खुद में कुछ improvement नहीं किया, ऐसे लोग परेशान भी ज़्यादा रहते हैं ।

अगर आपके अंदर कोई बदलाव ला सकता है तो वो आप खुद हो, कोई और आकर आपके लिए ये काम नहीं करेगा । अगर आप रोज़ वही करते चले जाओगे जो आप आज तक करते आए हो और सोचोगे कि आप कुछ बड़ा हासिल कर लो तो ऐसा नहीं हो सकता ।

अपने अंदर positive वे में बदलाव लाना शुरू में तो बहुत कठिन होता है लेकिन यह धीर२ आसान होने लगता है बशर्ते आप उस पर टिके रहे और अपने dreams को पाने के लिए लगातार कोशिश करते रहे ।

  1. वे प्रयास नहीं करते और confuse रहते हैं

असफल लोगों में यह बात होती हैं कि वे सोचते बहुत हैं, कि मैं ये करू या वो करू, कोई फैसला नहीं ले पाते कि उन्हें क्या करना चाहिए और हमेशा confuse रहते हैं । वे लोग असलम में जल्द से जल्द कुछ हासिल करना चाहते हैं कम समय में, जिसके कारण वे कुछ भी हासिल नहीं कर पाते ।

वे लोग ये सोचते हैं कि अगर हमने गलत डिसिशन ले लिया तो क्या होगा, अगर हम नाकाम हो गए तो क्या होगा ।

क्या आप जानते हैं कि instagram app का नाम पहले burbn था और यह बहुत ही मुश्किल app था जो की users को समझने में कठिन लग रहा था, क्योंकि उसमे बहुत सारे features थे, लेकिन users उस app के फोटो share करने वाले feature का इस्तेमाज़ ज़्यादा कर रहे थे, जिसके बाद उस app के निर्माताओं ने केवल उसी feature पर focus किया और उस अप्प का नाम instagram रखा गया ।

सफल लोग असफलता से नहीं डरते, बल्कि अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ते हैं । लेकिन असफल लोग केवल जानकारी इकठ्ठा करते रहते हैं कि जब हमें काम की पूरी जानकारी हो जाएगी तभी शुरू करेंगे, लेकिन जानकारी कभी पूरी नहीं होती, और ऐसी जानकारी का कोई फायदा नहीं जबतक उसपे कोई action ना लिया जाए ।

  1. वे स्पष्ट लक्ष्य तय नहीं करते :

कुछ बड़ा हासिल करने के लिए ज़रूरी है कि पहले आप अपना एक लक्ष्य चुनो, असफल लोगों में एक यह भी आदत होती है कि वो अपना एक goal नहीं set करते । उन्हें यह ही नहीं पता होता कि उन्हें हासिल क्या करना है ।

अगर आप कोई goal set नहीं करेंगे तो निश्चित है कि आप अपने परिणाम से निराश हो जाएंगे और न ही अंत में कुछ हासिल कर पाएंगे । अगर आपको यही नहीं पता होगा कि आप कहा पहुंचने के लिए चल रहे हो तो शायद आप कही और ही पहुँच जाएंगे ।

असफल लोग अगर कोई लक्ष्य चुनते भी हैं तो मुश्किलें आते ही फ़ौरन हार मान लेते हैं । या अगर उन्हें उस लक्ष्य की तरफ बढ़ने में पहले ही कदम पे असफलता मिल जाती है तो वह सोच लेते हैं कि वो यह लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे और अपना लक्ष्य बदल देते हैं।

ये लोग बहुत जल्दी अपने गोल्स से distracted हो जाते हैं और अपने goal से फोकस हटा देते हैं जबकि सफल लोग इन सब से लड़ते हैं और अपने लक्ष्य से focus नहीं हटाते और हर problem का solution निकलते हुए अपने goal की तरफ आगे बढ़ते जाते है।

  1. वे ज़रूरी चीज़ों के लिए बलिदान नहीं देते

आपने उस बन्दर की कहानी तो सुनी होगी जिसे जंगल में एक jar दिखता है जिसमे केले रखे होते हैं लेकिन प्रॉब्लम ये होती है कि जब वो उस जार में हाथ डालकर केले निकलने की कोशिश करता है तो jar का मुँह छोटा होने के कारण केला पकडे हुए बंद मुट्ठी वो बहार नहीं निकाल पाता है। बहुत कोशिश के बाद भी वो नाकाम रहता है फिर भी वो उस केले को छोड़ता नहीं है और फिर एक शिकारी आता है और उस बंदर को पकड़कर ले जाता है।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि कई बार हमें अपने बड़े goal को पाने के लिए छोटी मोती short term ख़ुशी sacrifice करनी पड़ती है।

असफल लोग अपने आने वाले कल के लिए, अपना फ्यूचर बेहतर बनाने के लिए अपने आज को sacrifice नहीं करते हैं। वे सेहत के लिए अपने थोड़ी देर के मिलने वाले स्वाद को sacrifice नहीं करते। न अपनी नींद का sacrifice करते, दिन भर internet पर समय व्यर्थ करते हैं। और यह सब सिर्फ थोड़ी देर को मिलने वाली ख़ुशी के लिए। जो की लम्बे समय में उन्हें कामियाबी से रोकता है।

  1. दूसरों के प्रति सहानुभूति की कमी

सफलता का मतलब केवल अपने बारे में सोचना नहीं होता। कई researchers के मुताबिक सफलता केवल २०% निर्भर करती है IQ पर लेकिन ८०% निर्भर करती है EQ पर। EQ का मतलब है emotional quotient, जिस व्यक्ति का एक अच्छा होता है इसका मतलब है वह दूसरों की feelings को बहुत अच्छे से समझता है और उसे feel कर सकता है।

असफल लोगों में दुसरो के फीलिंग्स को समझने की कमी होती है। वे केवल अपने बारे में सोचते हैं। प्रकृति का नियम है, जब आप दुसरो के बारे में सोचोगे, उनके लिए कुछ करोगे तभी बदले में आप भी कुछ पाओगे।

अगर आप में एक की कमी है और अगर आप दूसरों के बारे में नहीं सोच पते तो इसका सबसे आसान सलूशन यही है कि आप अपने आपको सामने वाले की जगह पर रखकर देखो। कि वो कैसा फील करते हैं, वे क्या चाहते हैं, ऐसा सोचने की आदत आपको सफल ज़रूर बनाएगी।

  1. वे खुद को वक़्त नहीं देते हैं:

असफल लोग खुद के विचारों को वक़्त नहीं देते हैं, अकेले में बैठ कर कभी अपने आप को observe नहीं करते। जिससे उन्हें यही नहीं पता चल पता है कि उनके अंदर क्या कमियां हैं जो उन्हें सफल होने से रोक रही हैं और ये न जान पाने की वजह से न वो उन कमियों को दूर करने की कोशिश करते हैं और न सफल हो पते हैं।

Einstein और Newton जैसे कई बड़े scientists खुद को 3-4 घंटे तक कमरे में बंद कर लेते थे जिसकी वजह से वे कई ideas और theories को discover कर पाए।

आज कल लोग अपने मोबाइल से एक मिनट के लिए भी दूर नहीं होते, रात- रात भर फेसबुक चलाते हैं। दोस्तों से घंटो बात करते हैं। वे मोबाइल को, दोस्तों को हर किसी को वक़्त देते हैं सिवाए खुद के। याद रखो बिना खुद को सही वक़्त दिए हम quality work नहीं कर सकते।

खुद को शांति में अकेले वक़्त देने का एक बहुत ही अच्छा तरीका है meditation करना। ये एक ऐसी habit है जो ज़्यादातर सफल लोगों में होती है। मैडिटेशन हमारा स्ट्रेस कम करता है, फोकस बढ़ाता है, और किसी भी काम पर हम ज़्यादा लम्बे समय तक attention दे पाते हैं जो की सारी ही ज़रूरी हैं एक व्यक्ति को सफल होने के लिए।

  1. वे अपने सेहत पर ध्यान नहीं देते:
    स्टडीज साबित करती हैं कि नियमित व्यायाम से न केवल हमारा तन चुस्त रहता है बल्कि हमारा मन भी खुश रहता है। असफल लोग कभी नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते जिसके कारण वो दिन भर आलस्य महसूस करते हैं, उनमे काम करने की energy भी कम रहती है।

हर सफल इंसान अपनी सेहत पर भी खास ध्यान देता है। क्योंकि वह जनता है कि सफलता और पैसे का आनंद तभी लिया जा सकता है जब हमारी सेहत सही होगी।

दिन भर की मेहनत और tension, exercise करके कम किया जा सकता है जिससे हमारा stress भी कम होता है और न ही हम depression में जाते हैं।

तो ये थी कुछ आदतें जो कि एक असफल व्यक्ति में देखी जाती हैं। अगर आप में भी इनमें से कोई आदत है तो उस आदत को अच्छी आदत में बदलने की कोशिश करें। कोई भी नई आदत अपनाना शुरुआत में बहुत कठिन होता है लेकिन जब हम उसे अपनी रोज़ मर्रा ज़िन्दगी में अपनाने लगते हैं तो धीर२ वह हमारी एक नई आदत बन जाती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.